अधिकृत शिकायत दर्ज करे पूरा एक महिना होने पर भी बिल्डर पर कोई कारवाई नही
पिछले कुछ समय से, महाराष्ट्र वार्ता की ‘आपकी समस्या’ टीम मुंबई के वरली स्थित परेल सह्याद्री (एसआरए) को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में एसआरए प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलीभगत से बिल्डर रईस लश्करिया(Raiees Lashkaria) द्वारा किए गए ‘एसआरए’ घोटाले को उजागर कर रही है। इस अवधि के दौरान यहां के रहिवासी सावंत और तुकाराम चोखामगरे ने यहां के समस्याओं का कच्चा-चिठ्ठा सबके सामने रख दिया था। इस संबंध में, महाराष्ट्र वार्ता की कानूनी टीम ने शुरुआत में ऑनलाइन माध्यम से एसआरए(SRA) प्रशासन के पास शिकायत दर्ज की थी। हालांकि, अभी तक उसका जवाब नहीं मिला है। इस संबंध में, दो दिन पहले, हमारी टीम ने अंत में एसआरए के उप मुख्य अभियंता आर. बी. मिटकर के पास ई-मेल द्वारा शिकायत दर्ज कि है।
इस बीच, समांतर रूप से, परेल सह्याद्री (एसआरए) सहकारी हाउसिंग सोसायटी के निवासियों ने महाराष्ट्र वार्ता की मदद से झोपू प्राधिकरण के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

इन सभी शिकायतों में, महाराष्ट्र वार्ता ने डेवलपर्स और अधिकारियों द्वारा किए गये घोटाले कि पोलखोल कि है, विशेषकर रईस लष्करीया (Raiees Lashkaria) पर अधिकारियों द्वारा अबतक कोई कारवाई न किये जनेपर आपत्ती जताई है।
कौन है रईस लष्करीया?
वह रिलायंस कंस्ट्रक्शन के प्रमोटर (अंबानी वाली नहीं) और लष्करीया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। रईस लष्करीया(Raiees Lashkaria) को मुंबई के बड़े डेवलपर्स में से एक माना जाता है और एसआरए परियोजनाओं में उनकी विशेष रुचि दिखाई गई है। लष्करीया ने कुछ अर्से पहले कई मराठी फिल्मों का भी निर्माण किया है, जिनमें से स्वराज्य, ईकतारा जैसे कुछ नाम हैं। पूर्वाश्रम के एक कांग्रेसी रईस लष्करीया(Raiees Lashkaria) ने सन २०१४ में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के टिकट पर अंधेरी पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार मिली थी। लष्करीया वर्तमान में सत्ताधारी पार्टी, कांग्रेस में है। यह निजी तौर पर कहा जाता है कि इतने शिकायतो के बावजूद उनपर अबतक कोई कानूनी शिकंजा नहीं कसा गया क्योंकि उनके सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ करीबी संबंध है।
पिछले साल, अंधेरी वेस्ट में कामा रोड, गावदेवी डोंगर स्थित रईस लष्करीया(Raiees Lashkaria) की कंपनी द्वारा विकसित एसआरए प्रोजेक्ट की एक इमारत का स्लैब ढह गया था। हादसे में दो लोग घायल भी हुए थे। उस समय भी, निवासियों ने डेवलपर रईस लष्करीया(Raiees Lashkaria) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। पता चला है कि उस समय भी एसआरए प्रशासन के इंजीनियरों ने आंख मूंद ली।

परेल सह्याद्री (एसआरए) गृहनिर्माण संस्था में, एसआरए इंजीनियरिंग विभाग को लष्करीया महोदय के लिए विशेष ‘प्रेम’ लगता है। कुल मिलाकर, महाराष्ट्र वार्ता की ‘आपकी समस्या’ टीम, इन जैसे परियोजनाओं में घोटालों को बहुत गंभीरता से ले रही है और निकट भविष्य में आम गरीबों के अधिकारों को निगलने वालों पर और भी सख्ती से पेश आएगी इसमें कोई दो राय नहीं है।
यदि आपको अनधिकृत निर्माण, डेवलपर्स से धोखाधड़ी, सरकारी देरी और वित्तीय घोटाले के बारे में कोई शिकायत है, तो आप 9372236332 पर व्हाट्सएप और news@maharashtravarta.com पर पर ईमेल भेजकर महाराष्ट्र वार्ता डॉट कॉम की ‘आपकी समास्या’ टीम को सूचित कर सकते हैं।
